Wednesday, 18 September 2019

अमेज़न जंगल में आग

मतलबी लोगों ने जला दिया धरती का ‘फेफड़ा‘


दक्षिणी अमेरिका के अमेजन जंगलों में लगी भीषण आग से डरी दुनिया

जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का बढ़ा खतरा

धरती का ‘फेफड़ा‘ कहे जाने वाले अमेजन के जंगलों में गत माह से भयंकर आग लगी हुई है। इन जंगलों से धरती को 20 प्रतिशत आॅक्सीजन मिलती है। इसीलिए इनको धरती का ‘फेफड़ा‘ कहा जाता है। साथ ही सर्वाधिक वर्षा के कारण ‘रेन फाॅरेस्ट‘ भी कहे जाने वाले ये जंगल दक्षिणी अमेरिका के 9 देशों ब्राजील, बोलविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया, वेनेजुएला, सुरीनाम, फ्रेंच गुएना और गुयाना में स्थित है। अकेले ब्राजील में ही 60 प्रतिशत जंगल हैं। आग लगने से पेड़-पौधों व प्राकृतिक वनस्पतियांे के अलावा यहां रहने वाले पशु-पक्षियों की भी बड़ी तादात में मौत हो गयी है। इसके अलावा यहां आदिवासी जनजाति भी रहती  है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने वाली इस आग का जिम्मेदार आखिर है कौन?


ये हैं जिम्मेदार

अमेजन जंगलों की आग की मुख्य वजह विकास की अंधी दौड़ को माना जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक आग से पिछले 50 वर्षों में इन जंगलों का 17 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो चुका है। इसका मुख्य कारण जंगल की भूमि पर खेती और खनन का बढ़ता लोभ है। ज्यादातर दक्षिण अमेरिकी देशों के आर्थिक हालात अच्छे नहीं हैं जबकि संसाधन यहां प्रचुर मात्रा में उपस्थित हैं। इसलिए विश्व के बड़े कारपोरेशन की नजर यहां रहती है। दरअसल एक सोची समझी रणनीति के तहत इन जंगलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यहां की सरकारें सोयाबीन और मांस का कारोबार करने वाले व्यापारियांे के दबाव में हैं। चीन और अमेरिका के बीच चल रही आर्थिक लड़ाई का फायदा ब्राजील में काम कर रहे कारपोरेटर्स उठाना चाह रहे हैं। चीन अब अमेरिका के बजाय ब्राजील से सोयाबीन का आयात शुरू कर चुका है। आपूर्ति बाधित न हो और ढेर सारा मुनाफा कमाने के लिए ब्राजील को निर्यात के लिए सोयाबीन की भारी मात्रा में आवश्यकता है जो कि जंगल को खत्म कर इसे खेती योग्य बनाकर पूरी की जा सकती है। खेती योग्य भूमि बनाने के लिए अमेजन जंगल में आग लगवायी जाती है। बड़ी शक्तियां अमेजन जंगलों का वणिज्यिक दोहन कर रही हैं।


वर्तमान ब्राजील सरकार पर हैं गंभीर आरोप

ब्राजील की वर्तमान सरकार जनवरी 2019 से ही सत्ता में आयी है। इस दक्षिणपंथी सरकार के मुखिया जायर बोलसोनारो पर गंभीर आरोप लगे हैं। ब्राजील के राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र के मुताबिक इस जंगल में इस साल अब तक 80 हजार से ज्यादा आग लगने की घटनाएं सामने हो चुकी हैं, जिसमें से ब्राजील के इलाके के अमेजन जंगल के अंदर 3 हजार वर्ग किमी का क्षेत्र आग से जलकर नष्ट हो गया है। जबकि बोलसोनारो इस सच्चाई को स्वीकार करने की बजाय इसे गलत ठहराते हैं। वे इस आग के लिए विभिन्न एनजीओ को दोषी ठहरा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने ब्राजील की पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी के बजट में 24 प्रतिशत की कटौती कर दी है। बजट की कटौती के बाद पर्यावरण व जंगलों की निगरानी हेतु प्रयोग किये जाने के संसाधनों में कमी आई है। इस फैसले से बोलसोनारो पर संदेह बढ़ा है और उन पर विश्वास में कमी आई है। आरोप है कि बोलसोनारो ने कटौती का यह फैसला खनन व खेती करने वाले प्रभावशील लोगों के दबाव में आकर की है। इसके साथ ही वे अमेजन जंगल में लगी आग पर बदल-बदल कर उल्टे-सीधे बयान भी दे रहे हैं। इसके अलावा वे ब्राजील के पर्यावरणविदों को भी खरी-खोटी सुनाने का काम किया है। बोलसोनारो की विचारधारा है कि खेती के द्वारा ही उद्योगों का विकास किया जाना चाहिए। इसके साथ ही वे इन जंगलों में रहने वाले देशी आदिवासियों का भी विरोध करते आए हैं।

हालांकि ऐसा नहीं है कि बोलसोनारो के काल में ही अमेजन के जंगल में आग लगी है। इसके पहले भी इस जंगल में लगातार आग लगती आ रही है जो कि मानवजनित ही थी। बस अब फर्क इतना पड़ा है कि आग लगने के मामलों में काफी तेजी में बढ़ोत्तरी हुई है। इससे पहले 2013 में इस जंगल में 39584, 2014 में 62694, 2015 में 57545, 2016 में 76185, 2017 में 57870 और 2018 में 45086 बार आग लगने के मामले सामने आ चुके हैं। 2019 में अब तक पिछले मुकाबलों में 84 प्रतिशत की वृद्वि दर्ज की गयी है।


अब आगे क्या हैं खतरे?

55 लाख वर्ग किमी में फैले अमेजन जंगल की आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस आग से निकले धुंए को अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। इतनी ज्यादा मात्रा में जंगल का जलना दुनिया से बड़ी मात्रा में आॅक्सीजन के घटने का कारण बनेगा। संयुक्त राज्य अमेरिका की एक अकादमी के अध्ययन के मुताबिक इन जंगलों 90 से 140 साल तक मानव द्वारा निकाली जाने वाली कार्बन डाई आक्साइड को अवशोषित करने की क्षमता है। इसका मतलब साफ है कि इन जंगलों की आग से हम आने वाली पीढ़ियों को खतरे में डालने का काम कर रहे हैं। इतनी बड़ी मात्रा में आग से ग्लोबल वार्मिंग तो बढ़ेगी ही, साथ ही साथ काफी तेजी से जलवायु परिवर्तन भी होगा जो कि इस धरती के लिए अच्छा संकेत नहीं है। अमेजन जैसे विशाल कार्बन सिंक जंगल नष्ट होंगे तो समुद्र का तापमान बढ़ेगा जिससे चक्रवाती तूफानों का खतरा भी बढ़ेगा।


दुनिया भर में चिंता व डर का माहौल

अमेजन के जंगलों में लगी आग से दुनिया भर में डर व चिंता का माहौल है। अमेजन जंगलों की आग को गंभीरता से लेते हुए दुनिया भर के लोग सड़कांे पर आए और प्रदर्शन किए। साथ ही लोगों ने मीडिया पर भी इस मामले को प्रमुखता से न उठाए जाने के कारण गंभीर नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी लोगों ने रुचतंलवितजीमंउं्रवद जैसे कैंपेन चलाए। इस आग को बुझाने के लिए जी-7 सम्मेलन में 22 मिलियन डाॅलर की सहायता राशि देने की भी घोषणा की गयी। इस राशि को पहले तो ब्राजील ने लेने से मना कर दिया पर बाद में उसने इसके लिए हांमी भर दी। ब्राजील ने विभिन्न संगठनों और देशों से मदद लेने के लिए उस स्थिति में ही हां किया जबकि यह पैसा ब्राजील में प्रवेश होने पर ब्राजील के लोगों के नियन्त्रण में होगा।

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