आपदाओं ने विस्थापित किए 70 लाख लोग
इंटरनल डिस्प्लेसमेंट माॅनीटरिंग सेंटर ने जारी किए 2019 की प्रथम छमाही के आंकड़े
दुनियाभर के 102 देशों की 950 प्राकृतिक आपदाओं में सर्वाधिक विस्थापन भारत में
आपदाएं देश समय विस्थापन
चक्रवात (फेनी) भारत व बांग्लादेश मई 34 लाख
चक्रवात (इदाई) मोजाम्बिक, मलावी, जिम्बाम्बे, मेडागास्कर मार्च 6 लाख
बाढ़ ईरान मार्च व अप्रैल 5 लाख
बाढ़ इथोपिया मई व जून 1 लाख 90 हजार
बाढ़ बोलीविया जनवरी से अप्रैल 75 हजार
बाढ़ व भूस्खलन दवाओ व फिलीपींस जनवरी 4 लाख
भूकंप चीन जून 80 हजार
सूखा सोमालिया जनवरी से जून 72 हजार
इंटरनल डिस्प्लेसमेंट माॅनीटरिंग सेंटर ने जारी किए 2019 की प्रथम छमाही के आंकड़े
दुनियाभर के 102 देशों की 950 प्राकृतिक आपदाओं में सर्वाधिक विस्थापन भारत में
दुनिया भर की प्राकृतिक आपदाओं व हो रहे संघर्षों से हो रहे विस्थापित लोगों की संख्या जारी करने वाली संस्था इंटरनल डिस्प्लेसमेंट माॅनीटरिंग संेटर ने सितम्बर 2019 में इस वर्ष जनवरी से जून तक के विस्थापितों के आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस छमाही में आपदाओं से दुनिया भर में 70 लाख लोग विस्थापित किए गए जिसमें से सर्वाधिक 22 लाख लोग अकेले भारत में विस्थापित किए गए। छमाही में दुनिया भर के 102 देशों में कुल 950 आपदाएं आयीं। अगर बात करें सबसे ज्यादा आपदा पीड़ित देशों की तो प्रथम दस विस्थापितों में भारत के बाद क्रमशः बांग्लादेश, मोजाम्बिक, ईरान, फिलीपींस, ब्राजील, इथोपिया, चीन, मलावी व इंडोनशिया शामिल हैं। आंकड़े के आधार पर 2019 को दो दशक का सबसे भीषण वर्ष माना जा रहा है।
वर्ष 2003 से विस्थापितों के आंकड़े जारी करने वाला यह सेंटर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार एजंेसियों, विभिन्न सरकारों, मीडिया रिपोर्टों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करता है। रिपोर्ट में विभिन्न देशों में आई बाढ़, सूखा, भूकंप, चक्रवात, भूस्खलन आदि के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में भारत में आए फेनी व वायु चक्रवातों की चर्चा की गयी है। इस रिपोर्ट में 15 साल बाद आने वाली पूरे ईरान में भारी तबाही मचाने वाली व अमेजन क्षेत्र की बाढ़ की विस्तार से चर्चा की गयी है जिसने हजारों लोगों को विस्थापित होने को मजबूर कर दिया।
यहां इस बात का उल्लेख करना भी जरूरी है कि पूरी दुनिया में आयी इन भयंकर आपदाओं के बावजूद बहुत से देशों जिनमें मुख्यतः विकाशशील देश शामिल हैं, ने इनसे लड़ने का तंत्र काफी हद तक विकसित कर लिया है। तकनीक ने आज यह संभव कर दिया है कि बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात जैसी आपदाओं का पूर्वानुमान अब लगाया जा सकता है। इस अनुमान से हजारों लोगों को विस्थापित कर उनकी जिंदगियां बचायी जा रही हैं। इसके अलावा तकनीक अब भूंकप के पूर्वानुमान को जानने की कोशिश मंे लगी हुई है। विस्थापन की तकलीफदेह खबर के बीच तकनीक व पूर्वानुमान की सुविधा का होना हमारे लिए खुशी की बात है।
रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में हुए कुछ प्रमुख विस्थापन इस प्रकार हैं-आपदाएं देश समय विस्थापन
चक्रवात (फेनी) भारत व बांग्लादेश मई 34 लाख
चक्रवात (इदाई) मोजाम्बिक, मलावी, जिम्बाम्बे, मेडागास्कर मार्च 6 लाख
बाढ़ ईरान मार्च व अप्रैल 5 लाख
बाढ़ इथोपिया मई व जून 1 लाख 90 हजार
बाढ़ बोलीविया जनवरी से अप्रैल 75 हजार
बाढ़ व भूस्खलन दवाओ व फिलीपींस जनवरी 4 लाख
भूकंप चीन जून 80 हजार
सूखा सोमालिया जनवरी से जून 72 हजार